B +Ve !!

A site for all positive thinkers to grow together !

युद्ध से नफरत कर

2 Comments

The Horizon

युद्ध विनाश है
इससे नफरत कर
सभ्यताओं का करे सर्वनाश
जिसे रखा युगों से संजो कर
युद्ध कोई जवाब नहीं
है ये एक सवाल
टाल सिर पर लटकी
युद्ध की तलवार
भला न तेरा, भला न मेरा
फिर क्यों करता
ये भी मेरा, वो भी मेरा ?
मोहब्बत से जीत सकते
हैं हर युद्ध अगर
फिर क्यों तू बनाता
बैठ हथियार रात भर
शुरू या अंत में युद्ध समाप्त होता
जब हाथ मिला, हस्ताक्षर कर
तुम्हारे निशाने पर है कोई अगर
तुम भी हो किसी के निशाने पर
बर्बाद कर पृथ्वी को
खुद खड़े बर्बादी के मुहाने पर
इस धरती का क्या दोष
मासूमों का क्या दोष
सांसारिक वस्तुओं खातिर
जीवन दाँव पर लगा
कहाँ खोया हमने अपना होश
जीते तो हम अपनों के लिए हैं
वरना जानवर भी क्या कम हैं
अपने ही हाथों खोदनी पड़ती
अपनों की कब्र है
इस धरा पर सब
धरा रह जाना है
तेरा…

View original post 114 more words

Author: DEBASIS NAYAK

A natural leader who experiments a lot and cares for all ! The title of my blog is not about my blood group. It's a message to all my readers to think positive and write on my blog posts openheartedly what they think!!

2 thoughts on “युद्ध से नफरत कर

  1. Very strong worded poem.
    Loved the punch :
    इस धरा पर सब
    धरा रह जाना है
    तेरा…
    This is so true…a lesson so many got in previous 6/7 months but are we the survivors taking heed!??

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s