वसुधैव कुटुम्बकम्

VISION FOR A GLOBAL FAMILY!

R K Karnani blog

वसुधैव कुटुम्बकम्
मेरा ऐसा मानना है कि समाज में पहले से अधिक भाईचारा है और विशेष कर कोरोना काल के प्रादुर्भाव से और भी बढ़ा है |  परिवार से शुरुवात होकर पास पड़ोस, फिर मकान या कॉम्प्लेक्स और फिर अपने समाज ,शहर आदि में इस भाईचारे का फैलाव दुनिया के सभी वृद्धाश्रमों को बंद करने की शक्ति  रखता है| लॉकडाउन के समय के अपने अनुभव से मन में आये  विचारों को शब्द दिए थे वही साझा कर रहा हूँ | शुरुवात मैंने जरूर अपने समाज का नाम लेकर की है क्योंकि इसे ही मैंने नजदीक से देखा है पर मेरे अनुसार यही  हर समाज का सच है, कहीं बहुत कहीं कुछ कम ! 
और सबसे अहम् बात जिसे कहने का प्रयास कर रहा हूँ वो है की वसुधैव कुटुम्बकम् साकार होने की पहली पायदान है संयुक्त परिवार!

management funda: 'vasudev kutumbakam' is an Evergreen Idea | 'वसुधैव  कुटुम्बकम' एक सदाबहार विचार है! - Dainik Bhaskar

संयुक्त परिवार की चाह 
(वसुधैव कुटुम्बकम् की ओर पहला कदम)

मेरा मारवाड़ी समाज
है प्राचीन,है नवीन
अत्युत्तम,विलक्षण,अनोखा
अनेकता में एकता
अग्रवाल,माहेश्वरी,ओसवाल
जैन,गोयल,खंडेलवाल
विभिन्नता पर एकता
मानों…

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Published by Debasis

A natural leader who experiments a lot and cares for all ! The title of my blog is not about my blood group. It's a message to all my readers to think positive and write on my blog posts openheartedly what they think!!

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