GITA WISDOM # 58 Chapter 3 verse 11 देवान्भावयतानेन ते देवा भावयन्तु वः।परस्परं भावयन्तः श्रेयः परमवाप्स्यथ॥ तुम लोग इस यज्ञ द्वारा देवताओं को उन्नत करो और वे देवता तुम लोगों को उन्नत करें। इस प्रकार निःस्वार्थ भाव से एक-दूसरे को उन्नत करते हुए तुम लोग परम कल्याण को प्राप्त हो जाओगे ॥11॥ Chief executives shallContinue reading “WIN-WIN APPROACH”
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THE TORTOISE SYNDROME
GITA WISDOM # 57 Chapter 2 Verse 58 यदा संहरते चायं कूर्मोऽङ्गनीव सर्वशः।इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता॥ और कछुवा सब ओर से अपने अंगों को जैसे समेट लेता है, वैसे ही जब यह पुरुष इन्द्रियों के विषयों से इन्द्रियों को सब प्रकार से हटा लेता है, तब उसकी बुद्धि स्थिर है (ऐसा समझना चाहिए) ॥58॥ The leaderContinue reading “THE TORTOISE SYNDROME”
POSITIVE VIBES # 19
Have great time…
INTERNATIONAL DAY OF EDUCATION
International Day of Education: 24 January International Day of Education is an annual international observance day held on January 24 and is dedicated to education. On December 3, 2018, the United Nations General Assembly adopted a resolution proclaiming January 24 as International Day of Education, in celebration of the role of education for bringing globalContinue reading “INTERNATIONAL DAY OF EDUCATION”
POSITIVITY & PROGRESS
Happy Sunday!
CONFLICTING GUIDANCE
GITA WISDOM # 56 Chapter 3 Verse 2 व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धिं मोहयसीव मे।तदेकं वद निश्चित्य येन श्रेयोऽहमाप्नुयाम्॥ आप मिले हुए-से वचनों से मेरी बुद्धि को मानो मोहित कर रहे हैं। इसलिए उस एक बात को निश्चित करके कहिए जिससे मैं कल्याण को प्राप्त हो जाऊँ ॥2॥ The council or guidance provided must be simple; itContinue reading “CONFLICTING GUIDANCE”
NOBLE THOUGHTS # 46
Have a day of powerful thoughts and action…
EDUCATE, DO NOT CONFUSE
GITA WISDOM # 56 Chapter 3 Verse 29 प्रकृतेर्गुणसम्मूढ़ाः सज्जन्ते गुणकर्मसु।तानकृत्स्नविदो मन्दान्कृत्स्नविन्न विचालयेत्॥ प्रकृति के गुणों से अत्यन्त मोहित हुए मनुष्य गुणों में और कर्मों में आसक्त रहते हैं, उन पूर्णतया न समझने वाले मन्दबुद्धि अज्ञानियों को पूर्णतया जानने वाला ज्ञानी विचलित न करे॥29॥ When the followers err in understanding the subtle differences between variousContinue reading “EDUCATE, DO NOT CONFUSE”
LEADING FROM THE FRONT
GITA WISDOM # 55 Chapter 3 Verse 26 न बुद्धिभेदं जनयेदज्ञानां कर्मसङि्गनाम्।जोषयेत्सर्वकर्माणि विद्वान्युक्तः समाचरन्॥ परमात्मा के स्वरूप में अटल स्थित हुए ज्ञानी पुरुष को चाहिए कि वह शास्त्रविहित कर्मों में आसक्ति वाले अज्ञानियों की बुद्धि में भ्रम अर्थात कर्मों में अश्रद्धा उत्पन्न न करे, किन्तु स्वयं शास्त्रविहित समस्त कर्म भलीभाँति करता हुआ उनसे भी वैसेContinue reading “LEADING FROM THE FRONT”
FOLLOWERSHIP
GITA WISDOM # 54 Chapter 3 Verse 23 यदि ह्यहं न वर्तेयं जातु कर्मण्यतन्द्रितः।मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः॥ क्योंकि हे पार्थ! यदि कदाचित् मैं सावधान होकर कर्मों में न बरतूँ तो बड़ी हानि हो जाए क्योंकि मनुष्य सब प्रकार से मेरे ही मार्ग का अनुसरण करते हैं ॥23॥ Men tend to follow the path ofContinue reading “FOLLOWERSHIP”
LEADERSHIP
GITA WISDOM # 53 Bhagavad Gita: Chapter 3 Verse 21 यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥ श्रेष्ठ पुरुष जो-जो आचरण करता है, अन्य पुरुष भी वैसा-वैसा ही आचरण करते हैं। वह जो कुछ प्रमाण कर देता है, समस्त मनुष्य-समुदाय उसी के अनुसार बरतने लग जाता है (यहाँ क्रिया में एकवचन है, परन्तु ‘लोक’ शब्द समुदायवाचकContinue reading “LEADERSHIP”
A THOUGHT ON RELATIONSHIPS & MATURITY
Have great time with family and friends…
WORDS OF WISDOM # 01
Have a great week!
A LETTER FROM LINCOLN
Have a nice day….
POSITIVE VIBES # 14
Happy holidays…