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GLOBAL HANDWASHING DAY!

Global Handwashing Day – 15th October

Global Handwashing Day is an international handwashing promotion campaign to motivate and mobilize people around the world to improve their handwashing habits. Washing hands at critical points during the day and washing with soap are both important.

Global Handwashing Day was first celebrated on 15th October 2008 and observed annually on the same day since then.

More information in details can be found in the following link:

About Global Handwashing Day

Stay safe, happy and healthy.

Have a great day!


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PROFIT SHARING

GITA WISDOM #7

Without pushing for selfish wealth-maximization goals, executives shall ensure sustained benefits for all the concerned entities in the value-chain. (3.13)

Have a great day!


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#चार आश्रम #सनातन धर्म #संस्कृत श्लोक

The four ashramas are: Brahmacharya (student), Grihastha (householder), Vanaprastha (retired) and Sannyasa (renunciate). The Ashrama system is one facet of the Dharma concept in Hinduism.

Harina's Blog

प्रथमेनार्जिता विद्या
द्वितीयेनार्जितं धनं।
तृतीयेनार्जितः कीर्तिः (पुण्य कमाना)
चतुर्थे किं करिष्यति।।

भावार्थ:

जिसने भी प्रथम आश्रम (ब्रह्मचर्य) में विद्या अर्जित नहीं की है, द्वितीय आश्रम (गृहस्थ) में धन अर्जित नहीं किया है, तृतीय आश्रम (वानप्रस्थ) में कीर्ति अर्जित नहीं की है (पुण्य नहीं कमाया), वह चतुर्थ आश्रम (संन्यास) में क्या करेगा?

सनातन धर्म में कर्त्तव्य पालन के लिए चार आश्रम दिये गये है, जिससे व्यक्ति को जीवन जीने के लिए लक्ष्य मिल सके।

  1. ब्रह्मचर्य
  2. गृहस्थ
  3. वानप्रस्थ
  4. संन्यास

1. ब्रह्मचर्य – 25 वर्ष तक की आयु, विधा प्राप्ति करके जीवन को खुद के बलबूते पर चलाने के लिए तैयार हो जाना है।

2. गृहस्थ – 25 से 50 वर्ष तक की आयु, विवाह करके पारिवारिक और सामाजिक दायित्व निभाना है।

3. वानप्रस्थ- 50 से 75 वर्ष तक की आयु, पारिवारिक जिम्मेदारियों से निवृत्त हो जाना है और बहु-बेटे को सारी जिम्मेदारी दे देनी है, बच्चे बड़े हो जाने से धीरे धीरे…

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