WORLD LAUGHTER DAY 😀

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It’s celebrated on the first Sunday in the month of May. World Laughter Day was established in 1998 and the first celebration was on July 28, 2008, in Mumbai, India, arranged by Dr. Madan Kataria, founder of the worldwide Laughter Yoga movement. Positive and powerful emotion that has all the…

INNER SATISFACTION

GITA WISDOM # 69Chapter 3 Verse 17 ( ज्ञानवान और भगवान के लिए भी लोकसंग्रहार्थ कर्मों की आवश्यकता ) यस्त्वात्मरतिरेव स्यादात्मतृप्तश्च मानवः।आत्मन्येव च सन्तुष्टस्तस्य कार्यं न विद्यते॥ परन्तु जो मनुष्य आत्मा में ही रमण करने वाला और आत्मा में ही तृप्त तथा आत्मा में ही सन्तुष्ट हो, उसके लिए कोई कर्तव्य नहीं है ॥17॥ AContinue reading “INNER SATISFACTION”

THE FOOD OF THE NOBLE SOULS

GITA WISDOM # 40 आयुः सत्त्वबलारोग्यसुखप्रीतिविवर्धनाः।रस्याः स्निग्धाः स्थिरा हृद्या आहाराः सात्त्विकप्रियाः॥ आयु, बुद्धि, बल, आरोग्य, सुख और प्रीति को बढ़ाने वाले, रसयुक्त, चिकने और स्थिर रहने वाले (जिस भोजन का सार शरीर में बहुत काल तक रहता है, उसको स्थिर रहने वाला कहते हैं।) तथा स्वभाव से ही मन को प्रिय- ऐसे आहार अर्थात्‌ भोजनContinue reading “THE FOOD OF THE NOBLE SOULS”

LOVE IS FREE

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Take my hand, love,and never let golike you took my heartand then my soul. Hands claspedin an infinity knot,ringed fingers wovenbut chained not, for never freerhave we ever soaredthan with each otherand each day more. This love is light.This love lifts.This love is life.This love, a gift. Poem and image…

JOY WITHIN ONESELF

GITA WISDOM #22 श्रीभगवानुवाच –प्रजहाति यदा कामान्‌ सर्वान्पार्थ मनोगतान्‌।आत्मयेवात्मना तुष्टः स्थितप्रज्ञस्तदोच्यते॥ श्री भगवान्‌ बोले- हे अर्जुन! जिस काल में यह पुरुष मन में स्थित सम्पूर्ण कामनाओं को भलीभाँति त्याग देता है और आत्मा से आत्मा में ही संतुष्ट रहता है, उस काल में वह स्थितप्रज्ञ कहा जाता है॥55॥ The person who is bereft of greedContinue reading “JOY WITHIN ONESELF”