RITUALS OF THE PIOUS SOULS

GITA WISDOM # 43 अफलाकाङ्क्षिभिर्यज्ञो विधिदृष्टो य इज्यते।यष्टव्यमेवेति मनः समाधाय स सात्त्विकः॥ जो शास्त्र विधि से नियत, यज्ञ करना ही कर्तव्य है- इस प्रकार मन को समाधान करके, फल न चाहने वाले पुरुषों द्वारा किया जाता है, वह सात्त्विक है ॥11॥ The pious mortals follow rituals which are prescribed in the scriptures. They perform themContinue reading “RITUALS OF THE PIOUS SOULS”

THE FOOD OF THE LAZY SOULS

GITA WISDOM # 42 यातयामं गतरसं पूति पर्युषितं च यत्‌।उच्छिष्टमपि चामेध्यं भोजनं तामसप्रियम्‌॥ जो भोजन अधपका, रसरहित, दुर्गन्धयुक्त, बासी और उच्छिष्ट है तथा जो अपवित्र भी है, वह भोजन तामस पुरुष को प्रिय होता है ॥10॥ The lethargic folks go for half-cooked, tasteless and smelly leftovers which is unclean and dirty. (17.10) Have a niceContinue reading “THE FOOD OF THE LAZY SOULS”

THE FOOD OF THE GREEDY SOULS

GITA WISDOM # 41 कट्वम्ललवणात्युष्णतीक्ष्णरूक्षविदाहिनः।आहारा राजसस्येष्टा दुःखशोकामयप्रदाः॥ कड़वे, खट्टे, लवणयुक्त, बहुत गरम, तीखे, रूखे, दाहकारक और दुःख, चिन्ता तथा रोगों को उत्पन्न करने वाले आहार अर्थात्‌ भोजन करने के पदार्थ राजस पुरुष को प्रिय होते हैं॥9॥ Dry and irritable food which is sour, spicy and extremely hot is the preferred menu of the avaricious people.Continue reading “THE FOOD OF THE GREEDY SOULS”