प्यार और ममता…

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ना जाने क्यों दिल मचल रहा है आज बार बार, बस एक बार प्यार से तुम पुकार लो मेरा नाम, अपने ममता के छाँव में पनाह दे दो तुम मुझे, ताकि भूल जाऊँ वो दर्द जो जमाने ने दिए है मुझे। मुझे याद हैं वो लम्हे, जब जागी थी तुम रात भर,…